पुष्यमित्र शुंग – शुंग साम्राज्य के संस्थापक
पुष्यमित्र शुंग उत्तर भारत के शुंग साम्राज्य के संस्थापक और प्रथम राजा थे। इससे पहले वो मौर्य साम्राज्य में सेनापति थे। १८५ ई॰पूर्व में उन्होंने अन्तिम मौर्य सम्राट (बृहद्रथ) की सैन्य समीक्षा के दौरान हत्या कर दी और अपने आपको राजा उद्घोषित किया। उसके बाद उन्होंने अश्वमेध यज्ञ किया और उत्तर भारत का अधिकतर हिस्सा अपने अधिकार क्षेत्र में ले…
सपनो की नगरी – दुबई में क्या देखें कहाँ जाएँ
दुबई शहर यानि सपनो की नगरी, आप जब भी इस स्थान पर जाएंगे तो एक अलग ही परिवेश में अपने आपको पाएंगे। दुबई की लौकप्रियता का पता इसी बात से चलता हैं कि यहां रहने वाली जनसँख्या में मात्र 15 प्रतिशत ही यहां के निवासी हैं, जबकि बाकि अन्य देशो के निवासी हैं। दुबई का सबसे बड़ा आकर्षण दुनिया की…
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग: इतिहास, आस्था और आधुनिक काशी का बदलता स्वरूप
प्रस्तावना भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना में काशी का स्थान अद्वितीय है। गंगा के पवित्र तट पर बसी यह नगरी केवल एक प्राचीन शहर नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की निरंतरता का जीवंत प्रतीक मानी जाती है। काशी को वाराणसी और बनारस नामों से भी जाना जाता है। हजारों वर्षों से यह नगर ज्ञान, दर्शन, संगीत, साहित्य, साधना, संस्कृत अध्ययन…
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग: इतिहास, आस्था और आधुनिक काशी का बदलता स्वरूप
प्रस्तावना भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना में काशी का स्थान अद्वितीय…
गोरखनाथ मठ: इतिहास, नाथ सम्प्रदाय और वर्तमान स्वरूप
गोरखनाथ मठ (Gorakhnath Math) भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली धार्मिक व…
राष्ट्र-चिंतक और संगठन शिल्पी: माधव सदाशिव गोलवलकर ‘गुरुजी’ का जीवन दर्शन और योगदान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को एक स्थानीय संगठन से निकालकर भारत के…
मराठा साम्राज्य के महान पुनरुद्धारक: महादजी शिंदे का जीवन, शौर्य और गौरवशाली इतिहास
अठारहवीं शताब्दी का भारत राजनीतिक उथल-पुथल, बिखरते साम्राज्यों और महत्वाकांक्षी शक्तियों के…
महाभारत का अंतिम अध्याय: पांडवों के हस्तिनापुर त्याग और राजा परीक्षित के राज्याभिषेक के बाद की संपूर्ण गाथा
महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र के मैदान में १८ दिनों में समाप्त हो…
जय बाबा केदार: केदारनाथ ज्योतिर्लिंग का पौराणिक इतिहास और आज का आधुनिक स्वरूप
हिमालय की तुंग गगनचुंबी चोटियों के मध्य, मंदाकिनी नदी के पावन तट…
Editor's Pick
सिक्किम भारत का हिस्सा कैसे बना – Sushil Rawal
जून १९७५ की बात है। पान सुपारी एक्सपोर्ट करने वाला एक व्यपारी…
डॉ.राम मनोहर लोहिया – भारत के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी समाजवादी राजनेता
राम मनोहर लोहिया भारत के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा समाजवादी…
Rishikesh – Yoga Capital Of Word
‘I’m in North India to find myself’. It’s such a traveller cliché…
अडोल्फ हिटलर भारतीयों के बारे में क्या सोचता था ?
1928 में हिटलर की आत्माकथा mein kampf भारत में पब्लिश हुयी और…
लाचित बोरपुखान – मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा
आपने मुगलों और राजपूतों की लड़ाई ज़रूर सुनी होगी। बाबर के ख़िलाफ़…
जानिए 51 शक्तिपीठ के बारे में
पुराणों के अनुसार सती के शव के विभिन्न अंगों से शक्तिपीठों का…
सपनो की नगरी – दुबई में क्या देखें कहाँ जाएँ
दुबई शहर यानि सपनो की नगरी, आप जब भी इस स्थान पर…
कुबलई खान की विरासत: महान खान का शासनकाल
इतिहास के इतिहास में, कुछ नाम कुबलई खान के समान भव्यता और शक्ति के साथ गूंजते हैं। दुर्जेय चंगेज खान के पोते के रूप में, कुबलई खान प्रमुखता से उभरे…

